Sunday, October 25, 2020
Saturday, October 24, 2020
#GoBackModi
बिहार में इलेक्शन होने जा रहें है। और आज प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चुनावी सभा करने के लिए बिहार पहुँच गए हैं उससे पहले, अगर आप ट्विटर का ट्रेंड देखें तो उसमे हैशटैग चल रहा है - #GoBackModi.अगर आप इस समय देश का माहौल देखें तो जरूर ये पाएंगे की एक बहुत बड़ा वर्ग खासतौर पर युवा वर्ग मौजूदा सरकार से बहुत खुश नहीं है। इसका एक सबसे बड़ा कारण रोज़गार के अवसर का सिमित होना है।
सोशल मीडिया पर किसी भी हैशटैग का ट्रेंड करना एक संकेत जरूर होता है सरकार के खिलाफ का या फिर उसके फेवर का। पर इस बात से कितना फर्क पड़ता है ग्राउंड जीरो पर ये बात देखने वाली होगी इस बिहार चुनावो में। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध काफी मुखर रूप में सामने आया है। और इस वजह से सरकार को भी एक सन्देश जरूर पंहुचा है की सब कुछ ठीक नहीं है। पर वहीँ दूसरी तरफ तमाम विरोधो के बावजूद भारत में मोदी कि पॉपुलैरिटी घटी नहीं है। लोकनीति - CSDS का सर्वे ये दर्शाता है कि 2019 के आम चुनावों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पॉपुलैरिटी बढ़ी है इसके अलावा इंडिया टुडे का सर्वे भी प्रधानमंत्री मोदी को आगे बता रहा है इस कोरोना काल में। लेकिन अगर महामारी से हुए आर्थिक संकट, हेल्थकेयर के चरमराने, बेरोज़गारी, आदि, के बावजूद भी अगर प्रधानमंत्री के चाहने वालों की कमी नहीं है तो फिर #GoBackModi के ट्रेंड करने की क्या वजह हो सकती है?
वोटर्ज़ दरअसल इस बात पर काफी नाराज़ हैं की बिहार में इलेक्शन है इस लिए सरकार का ये कहना की कोरोना की वैक्सीन मुफ्त में बिहार की जनता को दी जाएगी अगर नितीश कुमार की सरकार फिर बनती है तो। इस बात का विरोध व्यापक रूप से बिहार की जनता और विपक्ष भी कर रहा है और ये भी एक बड़ा कारण है #GoBackModi ट्रेंड करने का। कांग्रेस ने अपने official ट्विटर हैंडल पे लिखा है - "10 लाख नौकरियों का मज़ाक़ उड़ाने वाले जुमलेबाजों के 19 लाख रोजगार वाले जुमले का सच बिहार जान चूका है". वहीँ दूसरी तरफ केंद्र में NDA के सहयोगी LJP के नेता चिराग पासवान भी नितीश के खिलाफ हमलावर रुख अपनाएं हुए हैं। उन्होंने अपने official ट्विटर हैंडल से लिखा "शराबबंदी के नाम पर बिहारीयों को तस्कर बनाया जा रहा है।बिहार कि माताएँ बहने अपनो को तस्कर बनते नहीं देखना चाहती।बिहार के मुख्यमंत्री के संग सभी मंत्रियों को पता है की बिहारी रोज़गार के अभाव में शराब तस्करी के तरफ बढ़ रहा है लेकिन सब के सब को मानो साँप सूँघ लिया है".
भारत के प्रजातांत्रिक इतिहास में हर सरकार का एक मकसद ये जरूर रहता है की देश में ही नहीं, बल्कि हर प्रदेश में भी उसकी पार्टी की सरकार बने। ,जहां पिछले दिनों झारखण्ड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र इत्यादि (अन्य) प्रदेशों में भाजपा ने अपनी सरकारे गवाई है, और इसलिए भाजपा भी थोड़ा सा सजग जरूर दिखती है अपने चुनावी अभियानों को लेकर। और इसी वजह से बिहार में भाजपा गठबंधन की राह थोड़ी कठिन जरूर दिखती है।
इंकम्बेंसी फैक्टर एक बड़ा कारण है सरकार के खिलाफ बिहार में जिसका विपक्ष जरूर फायदा उठाना चाहेगा। क्योंकि नितीश सरकार के खिलाफ गुस्सा है। बेरोजगारी की समस्या से बिहार ही नहीं बल्कि देश भी जूझ रहा है और इस वजह से भी ट्विटर पर #GoBackModi ट्रेंड कर रहा है। अगर आप मौजूदा माहौल देखें बिहार का - तो गरीबी एक बड़ी समस्या है, healthcare सिस्टम बिहार का काफी ख़राब स्तिथि में है, उच्च शिक्षा की स्तिथि भी ख़राब है प्रदेश में । नौकरी की तलाश में युवा वर्ग को पलायन करना पड़ता है। ये सब बड़े कारण है सरकार के खिलाफ उसके अलावा केंद्र में साथी पार्टी LJP, बिहार में NDA का हिस्सा नहीं है। जो की eventually मौजूदा\सरकार को नुकसान पंहुचा सकती है।
वही प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषण में युवाओ को सम्बोधित करते हुए नए बिहार का रोड मैप प्रस्तुत कर रहें हैं । और राजद की सरकार के समय की अराजकता और विफलताओं कि एक लिस्ट बिहार के वोटर्स के सामने रख रहें हैं। अब एक नज़र की प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में नीतीश के लिए फ़ील्डिंग करते हुए क्या कह कर वोट माँगे
- युवाओं को रोज़गार।
- जरुरतमंदो को मुद्रा लोन।
- किसानो को सिचाई के लिए पानी की व्यवस्था।
- हर घर में सप्लाई का पानी
- शिक्षा के क्षेत्र में खास तौर पर और इंजीनियरिंग कॉलेजेस खोलने की बात।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इस बात पर भी जोर डाला कि राजद काल में कोई भी बिहारी सुरक्षित नहीं था। सड़को का कोई नामो निशान नहीं था। लोगों को हमेशा अपनी जान और माल का डर सताता था। लेकिन चुनाव और भाषणों को अगर हम एक तरफ रख कर बिहार की स्तिथि पर नज़र डालें तो ये पाएंगे की प्रदेश मे समस्याओं का पिटारा है, और लोगों में मौजूदा सरकार के ख़िलाफ़ गुस्सा भी है पर वोट वो भाजपा को ही देंगे ऐसा कहना है गया के एक वोटर सुशील कुमार सिंह का जो की पेशे से टूर ऑपरेटर है और बोधगया में अपना होटल चलाते हैं। (मैंने अपने यूट्यूब चैनल के लिए इनका इंटरव्यू किया था URL है https://www.youtube.com/watch? v=MoN9clD83Ho&t=525s) इस बात का लाभ राजग गठबंधन को इस चुनाव में मिलने जा रहा है।
बहुत सी रिपोर्टस ये बता रही हैं की नौकरिया काम हुई है और मौजूदा सरकार इस स्तिथि को ठीक से काबू या हैंडल नहीं कर पाई है। जिसका गुस्सा ट्विटर पर लोगों के द्वारा देखा जा रहा है। पर इस ट्रेंड में ये बात जानने वाली भी जरूर है - की सत्यापित यूजर इस हैशटैग को ट्रेंड कराने वाले कितने होंगे? (सुबह 11 बजे तक ये हैशटैग 54k पर ट्रेंड कर रहा था) और इस बात से भी यहाँ इंकार नहीं किया जा सकता है की लोगों में सरकार और खास तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नाराजगी है।
अगर राजनीतिक रूप से देखा जाये तो भाजपा गठबंधन के लिए ये एक महत्वपूर्ण चुनाव है इस कोरोना काल में । क्योंकि जिस तरह से देश इस पान्डेमिक में ख़राब अर्थव्यवस्था और अनेको समस्याओं से जूझ रहा है और आने वाला समय और कितना कठिन हो सकता है अभी इसका अनुमान सटीक तौर पर नहीं लगाया जा सकता है। ऐसे में लोगों का ये भी मानना है कि 2014 में जैसा आगाज़ हुआ था भाजपा का अभी वैसा अंजाम बहुत दूर की कौड़ी नज़र आ रहा है। इसका एक सबसे बड़ा कारण NDA के घटक दलों में फुट पड़ना भी है । चाहे वो महाराष्ट्र में शिव सेना हो पंजाब में अकाली दल या फिर बिहार में LJP ।
Subscribe to:
Comments (Atom)